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दोस्तों, आजकल वीडियो स्ट्रीमिंग का एक नया ट्रेंड सामने आया है, जिसको कॉर्ड कटिंग के नाम से जाना जाता है। लेकिन ज्यादातर लोग वीडियो स्ट्रीमिंग के इस नए ऑप्शन के बारे में अच्छी तरह से नहीं जानते हैं या नही जानते कि इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं।
तो दोस्तों, आज की इस पोस्ट में आप कॉर्ड कटिंग के बारे में ही जानेंगे कि यह क्या है और कैसे काम करता है।
टेक्नोलॉजी के संदर्भ में समझा जाए तो कोर्ड कटिंग (Cord-cutting) स्टैंडर्ड कैबल और डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सर्विसेज को disconnect करने का नया trend है। जानते हैं कोर्ड कटिंग ओर स्ट्रीमिंग के नए options के बारे में करीब से।
क्या है कोर्ड कटिंग (Cord-cutting)
तकनीक के संदर्भ में बात की जाए तो कोर्ड कटिंग का अर्थ है कि महंगे केबल कनेक्शन को बंद करने की प्रक्रिया। वर्ष 2010 में कोर्ड कटिंग के ट्रेंड की शुरुआत हुई थी। उस समय इंटरनेट सॉल्यूशन्स उपलब्ध होने लगे थे। कोर्ड कटिंग से वीडियो स्ट्रीमिंग का नया दौर शुरू हो गया है। इससे पैसों को बचत तो होती ही है, साथ ही गैरजरूरी चैनल्स का सब्सक्रिप्शन भी बच जाता है।
इसमें विज्ञापन बहुत कम होते हैं। पूरी दुनिया में अब लोग केबल कनेक्शन के बजाय कम कीमत की इंटरनेट वीडियो स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन सर्विस या फ्री वीडियो प्लेटफॉर्म्स को अपना रहे हैं। अब लोग चाहते हैं कि वे अपने मनपसंद कार्यक्रम कभी भी देख सकें। ऐसे में ऑन-डिमांड वीडिओज़ की मांग में तेजी आई है।
क्या होगा फायदा -
देश में 1990 के दशक में केबल टीवी की क्रांति ने सबको चौंका दिया और लोगों का टीवी देखने का नजरिया बदल दिया। धीरे धीरे देश के विभिन्न क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड की पहुंच ओर कम कीमत पर बेहतर स्पीड के कारण चीज़ों में बदलाव आने लगा। अब अगर आपके पास तेज़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन है तो यह ऑन-डिमांड वीडियो स्ट्रीमिंग के नए रास्ते खोल देता है। आमतौर पर आप जो भी सर्विस सब्सक्राइब करवाते हैं, उसके लिए भुगतान करना पड़ता है, जबकि अब आप जो भी देखते हैं, उसके लिए भुगतान कर सकते हैं। आपको गैरजरूरी चैनल्स के लिए पैसे चुकाने की जरूरत नहीं है। दुनिया मे हर जगह केबल कनेक्शन की संख्या में काफ़ी कमी आयी है। अब हर जगह ऑन-डिमांड सर्विसेज की मांग बढ़ रही है। भारत मे भी इस ट्रेंड में इजाफा हो रहा है।
भुगतान -
भारत मे लोकल केबल प्रोवाइडर के अलावा बड़े DTH प्रोवाइडर्स हैं। आमतौर पर ये 400 से 600 रुपये प्रतिमाह के बीच प्लान ऑफर करते हैं। कुछ ऑफर्स में उसी घर पर अतिरिक्त टीवी होने पर डिस्काउंट दिया जाता है। कुछ कॉंम्बो प्लान (इंटरनेट के साथ डीटीएच) देते हैं तो कुछ सालाना पैकेज पर डिस्काउंट देते हैं।तुलना के लिए मान सकते हैं कि आपको 500 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना पड़ता है। एक टीवी प्रोवाइडर को सालाना 6 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ता है।
एक बेसिक ब्रॉडबैंड प्लान 15 हज़ार रुपये सालाना में मिल सकता है। डीटीएच सर्विस बंद करने से 6 हज़ार रुपये बच जाते हैं। स्ट्रीमिंग सर्विस चुनने के लिए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है और अपने ब्रॉडबैंड कनेक्शन को अपग्रेड करना पड़ता है। इससे बैंडविड्थ कॉस्ट लगभग 24 हज़ार रुपये सालाना हो जाती है। वीडियो स्ट्रीमिंग ज्यादा महँगी पड़ती है, पर ऑन-डिमांड कंटेंट का फायदा मिलता है।
डिवाइस का करें इस्तेमाल
आमतौर पर वीडियो स्ट्रीमिंग के लिए अतिरिक्त डिवाइसेज़ की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर कोई स्मार्ट डिवाइस, गेम कंसोल या मीडिया बॉक्स नहीं है तो एचडीएमआई डोंगल जैसे गूगल क्रोमकास्ट या ट्वी (Teewe) इस्तेमाल कर सकते हैं। इनकी कीमत 2500 रुपये से 3 हज़ार रुपये के बीच होती है। अगर वाईफाई हर जगह नहीं पहुँचता है या रेगुलर सिग्नल ड्रॉप से परेशान रहते हैं तो टीपी लिंक या डी-लिंक का वाईफाई रेंज एक्सेंडर ले सकते हैं। वायरलैस कंटेंट स्ट्रीमिंग के लिए एचडीएमआई डोंगल, गेमिंग कंसोल (माइक्रोसॉफ्ट एक्सबॉक्स 360, एक्सबॉक्स वन, सोनी प्लेस्टेशन 3 ओर 4), ऐप्पल टीवी, एंड्राइड मीडिया बॉक्स, टैबलेट, स्मार्टफोन ओर के स्मार्ट टीवी हैं। डिवाइस एक ही वाईफाई नेटवर्क पर काम करें।
जिओ-रेस्ट्रक्टेड कंटेंट -
आप ऐसी सर्विसेज के संपर्क में आ सकते हैं, जो जिओ-रेस्ट्रक्टेड हों। आमतौर पर ये सिर्फ अमेरिका के निवासियों के लिए होती है। वीपीएन ओर डीएनएस सर्विसेज से इस कंटेंट को अनब्लॉक कर सकते हैं। इन सर्विसेज को जियो-रिस्ट्रिक्शन को बायपास करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। ऐसा करने पर टर्म ऑफ सर्विसेज के उलंघन के दोषी भी हो सकते है ओर के बार गैरकानूनी भी हो सकता है। यह कंटेंट के ऊपर निर्भर होता है। लीगल ऑप्शन के साथ इस्तेमाल करने के लिये भी विकल्प हैं। होला (www. hola. org) इस्तेमाल कर सकते हैं। यह फ्री वीपीएन सर्विस आपकी असल लोकेशन छुपाकर सुरक्षित तरीके से वेब ब्राउज करने में मदद करती है। डीएनएस सर्विस अनलोकेटर (www.unlocator.com) आपकी आपकी लोकेशन को छुपाकर बिना इंटरनेट की स्पीड कम किये काम करती है। हर डिवाइस पर कॉन्फ़िगर करने के बजाय आप अनलोकेटर को राऊटर पर कॉन्फ़िगर कर सकते हैं।
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ये हैं कॉर्ड- कटिंग के कुछ स्ट्रीमिंग ऑप्शन्स -
Yupp TV
यह सर्विस 200 से ज्यादा चैनल्स का कंटेंट पेश करने का दावा करती है। इसमें कई क्षेत्रीय चैनल्स हैं। यह सात दिन पुराने टीवी सिरीज़ भी दिखा सकती है। अगर किसी कार्यक्रम को देखने से रह गए हैं तो इसे इस्तेमाल में ले सकते हैं।
BigFlix
यह भारत की पुरानी ऑन डिमांड सर्विसेज में से एक है। इसमें क्षेत्रीय कंटेंट का बड़ा कलेक्शन है। यह अनलिमिटेड स्ट्रीमिंग के लिए 249 रुपये प्रतिमाह शुल्क लेती है। आप चाहे तो इसमें प्रति वीडियो भी भुगतान कर सकते हैं।
Netflix
नेटफ्लिक्स 500 रुपये प्रतिमाह में एसडी रेजोल्यूशन में क्षेत्रीय ओर अंतरराष्ट्रीय वीडियो कंटेंट का कलेक्शन ऑफर करता है। यह सर्विस भी आपको पूरे चैनल्स देती है।
HotStar
हॉटस्टार उन ऍप्स में शामिल है, जो अपना कैटलॉग फ्री में देते हैं। आप मूवी, टीवी सीरीज और लाइव स्पोर्ट्स इवेंट्स एप या ब्राउज़र पर देख सकते हैं। यह एक्सक्लुसिव असली सीरीज़ भी उपलब्ध करवाता है।
BoxTV
यह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस अपने कैटलॉग तक अनलिमिटेड ऐक्सेस के लिए 199 रुपये प्रति माह शुल्क लेती है। मूवीज ओर टीवी सीरीज के लिए अलग-अलग सेक्शन्स है। यहाँ एक ऐसा कलेक्शन भी है, जिसमें बिना साइन अप के फ्री
कंटेंट देखा जा सकता है।
Wynk Movies
यह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस सिर्फ एप के रूप में काम करती है। यह कई तरह का कंटेंट ऑफर करती है। यह कुछ कंटेंट एयरटेल यूज़र्स के लिए पूरी तरह फ्री ऑफर करती है। सशुल्क पैकेज 5 रुपये प्रतिदिन से शुरू होकर 199 रुपये प्रतिमाह तक मौजूद हैं।
YouTube
यूट्यूब पर आपको फ्री में बड़ा वीडियो और ऑडियो कलेक्शन मिल जाता है। आप अपनी पसंद के मुताबिक कई तरह के यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर सकते हैं। यह हर डिवाइस पर आसानी से चल सकता है। यूट्यूब पर ऑफ़लाइन वीडियो का विकल्प भी मौजूद है।
तो ये हैं कॉर्ड कटिंग वीडियो स्ट्रीमिंग के मौजूदा समय के कुछ ऑप्शन्स।
दोस्तों, आज की इस खाश पोस्ट में बस इतना ही। यह पोस्ट आपको कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं ओर कोई सवाल हो या किसी अन्य टॉपिक पर जानकारी की जरूरत हो तो कमेंट में जरूर बताएं। मिलते हैं अगली पोस्ट में कोई ओर खाश जानकारी के साथ। धन्यवाद।




