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11 May 2018

RTO Officer Kaise Bane | आरटीओ अधिकारी बनने के लिए क्या करे

आरटीओ ऑफिसर कैसे बने, आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या करे, आरटीओ अधिकारी कैसे बने, आरटीओ अधिकारी बनने के लिए क्या करे – RTO – ARTO Officer Kaise Bane, IMV Kaise Bane, How to become RTO -ARTO Officer, info in Hindi.
How to become RTO -ARTO Officer, info in Hindi

आरटीओ ऑफिसर आरटीओ अधिकारी बनने के लिए क्या करे (How to become RTO -ARTO Officer, info in Hindi)

कई सारे स्टूडेंट्स का सपना होता है की वो RTO Officer (आरटीओ अधिकारी) बने, लेकिन उन्हें इसकी सही जानकारी ही नहीं होती की RTO Officer कैसे बने, आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या करे, इसके के लिए आयुसीमा कितनी होनी चाहिए, कितनी पढाई की आवश्यकता होती है, इसकी परीक्षा कैसे होती है, परीक्षा पैटर्न, परीक्षा सिलेबस आदि।
किसी भी जॉब को पाने के लिए उसकी सही जानकारी एवं उससे सबंधित सभी जानकारी होना बेहद आवश्यक होता है। तभी तो हम उस जॉब की पूर्व तैयारी कर पायेंगे। जानकारी ना होना या अधूरी जानकारी यह सबसे बड़ा कारण होता है असफलता का। इसलिए ध्यान रखे की.. आप जिस जॉब को पाना चाहते है उस जॉब से रिलेटेड सभी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए।
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  • Income tax ऑफिसर कैसे बने
  • Forest ऑफिसर कैसे बने
  • CID ऑफिसर कैसे बने
  • CBI ऑफिसर कैसे बने
  • IAS ऑफिसर कैसे बने
  • Architect engineer कैसे बने
आरटीओ ऑफिसर एक अच्छी जॉब है इस जॉब को पाना इतना आसान भी नहीं है पर नामुमकिन भी है। हर साल इसके लिए भर्तिया निकलती है आप न्यूज़पेपर पे रोजगार समाचार पे देखते भी होंगे। यह प्रतियोगिता का युग है इसलिए आपको अधिक मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि इस ज़माने शेर से कई सव्वाशेर मिलेंगे, हर कोई खुद को Number one साबित करना चाहता है, यह कभी भूलना नहीं है।

आरटीओ अधिकारी कैसे बने, RTO Officer बनने के लिए क्या करे (How to become RTO -ARTO Officer, info in Hindi)

आरटीओ अधिकारी की भर्ती डायरेक्ट नहीं निकलती है, इस जॉब के लिए आपको पहले IMV या ARTO पोस्ट के लिए अप्लाई करना होगा।
Full Form :
  • IMV : Inspector of Motor Vehicles
  • ARTO : Assistant Regional Transport Officer
यह पोस्ट राज्य सरकार के B ग्रुप के पोस्ट है इनके लिए राज्य लोक सेवा आयोग (State public service Commission) परीक्षा आयोजित करता है। लेकिन इसके लिए आपके पास आपके पास निम्न डिग्री होनी चाहिए, तभी आप इनके लिए अप्लाई कर सकते है।
  • Diploma in fabrication technology
  • Diploma in metallurgy
  • Diploma in plant engineering
  • Diploma in production engineering
  • Diploma in production technology
  • Diploma in m/c tool maintenance
  • Bachelor degree in automobile engineer
  • Bachelor degree in mechanical engineering
  • Bachelor Degree in production
  • Bachelor degree in industrial engineering
अगर इनमे से कोई भी डिग्री आपके पास है तो आप IMV या ARTO पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते है। IMV या ARTO पोस्ट से कई सालों के बाद आपको आरटीओ के रूप में पदोन्नत किया जा सकता है। इसलिए पहले आपको राज्य लोक सेवा आयोग (State public service Commission) परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए और उसके बाद IMV या ARTO पोस्ट के लिए अप्लाई करना है।
Related Keyword : RTO – ARTO Officer Kaise Bane, IMV Kaise Bane, How to become RTO -ARTO Officer, info in Hindi.

इस जानकारी के अलावा अगर आपको कोई भी जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है। जल्द से जल्द आपके सवालों के जवाब दिए जायेगे।

फॉरेस्ट ऑफिसर कैसे बने, Forest Officer बनने के लिए क्या करे

 Forest Officer बनने के लिए क्या करे

फॉरेस्ट ऑफिसर कैसे बने, Forest Officer बनने के लिए क्या करे (How to become a forest officer in Hindi)

आज हम इस आर्टिकल में Forest Officer कैसे बने, Forest Officer बनने के लिए क्या करे इस बारे में जानने वाले है। कई स्टूडेंट्स इस जॉब के बारे में जानना चाहते है, जैसे.. यह नौकरी कैसे प्राप्त कर सकते है, यह नौकरी पाने के लिए क्या करे, इस जॉब के लिए कितनी आयुसीमा होनी चाहिए, कितनी पढाई करनी पड़ती है, इस जॉब के लिए कितनी बार प्रयास कर सकते है आदि सभी जानकारी।

फॉरेस्ट ऑफिसर कैसे बने, Forest Officer बनने के लिए क्या करे (How to become a forest officer in Hindi)

फॉरेस्ट ऑफिसर जो एक बहुत ही जिम्मेदारी वाली पोस्ट है, जंगल में अवैध कटाई, अवैध शिकार एवं फॉरेस्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी फॉरेस्ट ऑफिसर के सर होती है। इस जॉब के लिए उम्मीदवार को फिजिकली फिट रहना बेहद आवश्यक है। यह जॉब पाना आसान काम तो नहीं है पर नामुमकिन भी नहीं है। क्योंकि हर साल इस पद के लिए कई भर्तीया निकलती है (Forest Officer Recruitment) कोई ना कोई इस पद नियुक्त किये ही जाते है।
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यह जॉब पाने के लिए सबसे जरुरी बात

इस जॉब के बारे हमें जानकारी होना चाहिए, जैसे कितनी पढाई की आवश्यकता है, आयुसीमा कितनी होनी चाहिए, परीक्षा कैसे होती है, परीक्षा पैटर्न, परीक्षा सेलिबस आदि। चलिए अब आगे बढ़ते है और इस नौकरी के बारे में जानते है।
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यूपीएससी आईएफएस परीक्षा (UPSC IFS Exams)

फॉरेस्ट ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के तहत होनेवाली भारतीय वन सेवा परीक्षा (IFS exam) पास करना होता है।
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Full Form IFS exam : Indian Forest Service Exam
इस परीक्षा में अप्लाई करने के लिए तथा फॉरेस्ट ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवार के पास निचे दिए हुए कुछ आवश्यक योग्यताये होने अनिवार्य है।
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फॉरेस्ट ऑफिसर बनने के लिए शैक्षिक योग्यता (Educational qualification for becoming a forest officer)
फॉरेस्ट ऑफिसर बनने के लिए अर्थात आईएफएस परीक्षा में अप्लाई करने के लिए उम्मीदवार.. गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जीव विज्ञान, भूविज्ञान, सांख्यिकी, पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन, इंजीनियरिंग इनमें से किसी भी एक विषय में स्नातक उतीर्ण होना अनिवार्य है।
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फॉरेस्ट ऑफिसर बनने के लिए आयु सीमा (Age limit for becoming a forest officer)
आईएफएस परीक्षा में अप्लाई करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तक होनी चाहिए। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भारत सरकार के लिए नियमानुसार छूट है।
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यूपीएससी आईएफएस परीक्षा पैटर्न (UPSC IFS Exam Pattern)
आईएफएस परीक्षा अर्थात भारतीय वन सेवा परीक्षा यह भारत के सबसे कठिन परीक्षाओ में से एक है। यह परीक्षा पास करने के लिए आपको थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। यह परीक्षा 3 भागो में विभाजित की गई है।
  • प्रारंभिक परीक्षा
  • मुख्य परीक्षा
  • इंटरव्यू
जो उम्मीदवार प्रारंभिक लिखित परीक्षा पास कर लेता है वह मुख्य परीक्षा के लिए पात्र हो जाता है। उम्मीदवार मुख्य लिखित परीक्षा पास कर लेता है तो उसे इंटरव्यू में बुलाया जाता है। मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर उम्मीदवार की नियुक्ती होती है। उसके बाद नियुक्त उम्मीदवार की कुछ दिनों की ट्रेनिंग होती है और उसके बाद जॉब।
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परीक्षा सिलेबस (Examination syllabus)
  • कृषि विज्ञान
  • पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान
  • रसायन विज्ञान
  • गणित और सांख्यिकी
  • असैनिक अभियंत्रण
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • भारतीय इतिहास
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • भौतिक विज्ञान
  • राजनीति विज्ञान
  • मनोविज्ञान
  • सार्वजनिक प्रशासन
  • प्राणि विज्ञान
प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्न सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय पर होंगे और मुख्य परीक्षा में उपरोक्त सिलेबस पर प्रश्न आ सकते है। अब आप समझ चुके होंगे की भारतीय वन सेवा परीक्षा कितनी कठिन हो सकती है इसलिए आज से तैयारी शुरू करे।
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उप पुलिस अधीक्षक कैसे बने | Deputy Superintendent of Police Kaise Bane in Hindi

आज मै इस वेबसाइट पर उप पुलिस अधीक्षक कैसे बने (Deputy Superintendent of Police Kaise Bane) यह लेख लिख रहा हु। उम्मीद करता हु यह लेख भी आपके लिए उपयोगी साबित होगा, यह लेख भी आप सभी को बेहद पसंद आएगा। तो चलिए इस जॉब के बारे में हम आगे सविस्तर से जानते है।
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Deputy Superintendent of Police : Short Form : DSP

DSP Kaise Bane in Hindi
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उप पुलिस अधीक्षक बनने के लिए शैक्षिक पात्रता (Educational Qualifications for becoming DSP)

डीएसपी बनने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता किसी भी स्ट्रीम में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक पास होना आवश्यक है।
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उप पुलिस अधीक्षक बनने के लिए आयु सीमा (Age limit for becoming DSP)

जनरल- के लिए 21 साल से 30 साल तक
ओबीसी के लिए 21 साल 33 साल तक
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए 21 वर्ष 35 साल तक
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उप पुलिस अधीक्षक बनने के लिए शारीरिक ऊंचाई और छाती (Body height and chest to become DSP)

डीएसपी बनने के लिए पुरुषों को 168 सेमी शारीरिक ऊंचाई की आवश्यकता होती है एवं 84 सेमी छाती की आवश्यकता होती है और महिलाओं के लिए 155 सेमी शारीरिक ऊंचाई की आवश्यकता होती है। शरीर की ऊंचाई प्रत्येक राज्य के अनुसार अलग अलग हो सकती है।
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उप पुलिस अधीक्षक परीक्षा पैटर्न (DSP Exam Patterns)

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (Union Public Service Commission) के मार्फ़त राज्य सिविल सेवा परीक्षा (State Civil Services Examination) आयोजित की जाती है। यह परीक्षा प्रत्येक राज्य द्वारा अलग-अलग आयोजित की जाती है और नियुक्ति उसी में की जाती है।
राज्य सिविल सेवा परीक्षा को 3 भागो में विभाजित की गई है.. प्रांरभिक परीक्षा मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू। प्रांरभिक परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए पात्र होता है। उसके बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।
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DSP Kaise Bane in Hindi
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उप पुलिस अधीक्षक बनने के लिए तैयारी कैसे करे (How to prepare for becoming DSP)

1. जनरल नॉलेज (Gk) स्ट्रांग करे, कर्रेंट अफेयर्स पे अधिक ध्यान दे। न्यूज़पेपर पढ़ते रहे, रोचक न्यूज को पॉइंट बनाये। किसी दूसरे के हाथ से बार बार अलग अलग प्रश्नपत्रिका बनाये फिर उसके प्रश्नो को सॉल्व करे।सेल्फ स्टडी पर ज्यादा फोकस करें, प्रश्नावली प्रतियोगिता में भाग लेते रहे। किताबे पढ़ते समय पॉइंट को मार्क करें। इस परीक्षा की आजतक की सभी प्रश्नपत्रिकाऐ जमा करे फिर उनके प्रश्नो का उत्तर निकाले, यदि किसी सवाल का जवाब ना मिले तो इंटरनेट की मदद ले। खुद को इस काबिल बनाये की यदि किसी ने आपसे कोई भी सवाल किया तो उसका जवाब उसे फ़ौरन मिल जाना चाहिए।
2. सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाये, किसी के सामने या स्टेज पर बोलने की डेरिंग बढ़ाये, बेहिचक बोलिये, पॉइंट को पकड़कर बोलिये, बोरिंग कीवर्ड ना प्रयोग करे।
3. शारीरिक फिटनेस को बनाये रखे.. इसके लिए रोजाना व्यायाम करने से आपके शरीर का फिटनेस बना रहेगा। इसके लिए आप रनिंग, जम्पिंग, स्विमिंग आदि करते रहे।
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जिला मजिस्ट्रेट कैसे बने, जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए क्या करे | District Magistrate Kaise Bane in Hindi

आज का यह आर्टिकल भी किसी पाठक के कहने पर ही लिखा जा रहा है ! इस आर्टिकल का टॉपिक है.. District Magistrate Kaise Bane, District Magistrate बनने के लिए क्या करे ! चलिए इस टॉपिक के बारे में आगे इस आर्टिकल में सविस्तर से जानते है।
जिला मजिस्ट्रेट कैसे बने, जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए क्या करे, इस पोस्ट हेतु कितनी पढाई की आवश्यकता होती है, कितनी आयुसीमा आवश्यक है, परीक्षा पैटर्न क्या है, सेलिबस कौनसा होता है एवं इसकी तैयारी कैसे करे इसके बारे में सभी आवश्यक जानकारी हम इस आर्टिकल में जानने वाले है।
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District Magistrate : जिला मजिस्ट्रेट

डीएम या याने District Magistrate हिंदी में जिला मजिस्ट्रेट ! इसका अर्थ आज हम इस आर्टिकल में डीस्ट्रीक्ट मजिस्ट्रेट कैसे बने, जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए क्या करे इस टॉपिक पर बात करते वाले है। तो चलिए आगे बढते है और जानते इसके बारे में।
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जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate)

जिला मजिस्ट्रेट जिले का मुख्य कार्यकारी, प्रशासनिक और राजस्व अधिकारी होता है। चलिए आगे जानते इसके कार्य एवं कर्तव्य के बारे में।
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जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification for becoming District Magistrate)

जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए उम्मीदवार का किसी भी स्ट्रीम में किसी भी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रजुशन पास होना बहुत जरुरी है उसके बाद ही उम्मीदवार आगे की प्रक्रिया के लिए पात्र हो सकता है वर्ना नहीं।
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जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए आयुसीमा (Age limit for becoming District Magistrate)

डीएम बनने के लिए उम्मीदवार की आयु 21 से 30 वर्ष जनरल वर्ग के लिए, OBC उम्मीदवार के लिए 3 साल की छुट और 5 साल की छूट SC/ST के उम्मीदवार को मिलती है।
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जिला मजिस्ट्रेट परीक्षा पैटर्न (District Magistrate Exam Pattern)

जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए उम्मीदवार को यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन अर्थात UPSC के तहत होने वाली CSE Exam अर्थात सिविल सर्विस एग्जाम पास करना होता है। यह परीक्षा पास करने के बाद आप IAS अधिकारी बन जाएंगे। उसके कुछ दिन बाद एक या दो पदोन्नति के बाद आईएएस अधिकारी ही जिले के जिला मजिस्ट्रेट (DM) बन जाते हैं।
अर्थात आप पहले आईएएस अधिकारी बनेंगे उसके बाद आपकी पदोन्नति होगी उसके बाद ही आपका जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate) के पद पर स्वचालित रूप से प्रमोशन किया जाएगा।
इसका मतलब अगर आप जिला मजिस्ट्रेट बनना चाहते है तो आपको IAS की तैयारी करनी होगी। अगर आपको IAS ऑफिसर कैसे बनते है एवं इसकी तैयारी कैसे करे यह जानना है तो आप यह लेख जरूर पढ़े : IAS की तैयारी कैसे करे जाने यहाँ पे !
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जिला मजिस्ट्रेट से सबंधित कुछ सवाल जवाब

1. आईएएस में प्रवेश करने के बाद जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए क्या करे ?
Ans : डीएम बनने के लिए आपको कुछ करने की जरुरत नहीं है, आप स्वचालित रूप से डीएम बन जायेंगे।
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2. जिला मजिस्ट्रेट बनने के बाद क्या हम अपने मर्जी से अपना पसंदीदा जिला चुन सकते है क्या ?
Ans : जी नहीं ! आप यह नहीं कर सकते लेकिन आप अपना राज्य जरुर चुन सकते है। लेकिन अगर आपका स्कोर अच्चा रहा तो शायद यह संभव भी हो सकता है।
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3. क्या हम अपना ट्रान्सफर अपने पसंदीदा जगह पर कर सकते है ?
Ans : जी नहीं ! यह अधिकार सिर्फ मुख्यमंत्री के हाथ में है। अगर आप चाहे तो मुख्यमंत्री इसके लिए रिक्वेस्ट कर सकते है।
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आर्किटेक्चर कैसे बने, आर्किटेक्ट इंजीनियर कैसे बने

आर्किटेक्चर कैसे बने, आर्किटेक्ट इंजीनियर बनने के लिए क्या करे (How to become an Architecture – architect engineer in Hindi)
How to become an Architecture - architect engineer in Hindi
क्या आप भी आर्किटेक्चर बनना चाहते है, क्या आप का भी सपना है की आप आर्किटेक्ट इंजिनियर बने, क्या आप आर्किटेक्चर कैसे बनते है इसके बारे में जानकारी हासिल करना चाहते है, अगर आप आर्किटेक्चर कैसे बने, आर्किटेक्ट इंजिनियर बनने के लिए क्या करे, इसके बारे में जानकारी चाहते है तो आप सही जगह पर आये है। इस आर्टिकल में आपको इसके बारे में सभी आवश्यक जानकारी दी जायेगी।

These topics will be discussed
  1. आर्किटेक्चर अर्थात आर्किटेक्ट इंजिनियर के बारे में
  2. आर्किटेक्चर फिल्ड में करियर
  3. आर्किटेक्चर फिल्ड में नौकरी के अवसर
  4. आर्किटेक्ट इंजीनियर कैसे बने एवं उनकी योग्यता
  5. आर्किटेक्ट बनने के लिए, आर्किटेक्चर के लिए कोर्सेस
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कौन होता है आर्किटेक्चर अर्थात आर्किटेक्ट इंजिनियर (Architecture details in Hindi)

आर्किटेक्चर अर्थात आर्किटेक्ट इंजिनियर एक डिजाइनर होता है, जैसे आप कोई बढ़ी इमारत बनाना चाहते है और उसके लिए जो डिजाइन बनाई जाती है वो डिजाइन एक आर्किटेक्चर के हाथो से ही बनाई जाती है। आर्किटेक्चर उस डिजाइन के मार्फ़त आपको बताता है की वो इमारत कैसे दिखेगी। इमारत बनने से पहले इमारत का पूरा नक्शा आपको दिखाया जाता है कहने का मतलब किसी भी इमारत की योजना, डिजाइन निर्माण करने वाले को आर्किटेक्चर कहते हैं।
अब आप जान चुके होंगे की आर्किटेक्चर कौन होता है और आर्किटेक्चर का क्या काम होता है। आम तौर सभी सरकारी इमारते बनाने से पहले आर्किटेक्चर के हाथो से इमारत की योजना, डिजाइन निर्माण की जाती है। चलिए अब आगे बढ़ते है क्योंकि इस बारे में तो आप समज ही चुके होंगे।

आर्किटेक्चर (Architect) फिल्ड में करियर (Career in Architecture Field)

अगर आप इस फिल्ड में अपना करियर बनाना चाहते है तो आपमें कुछ गुण होने आवश्यक है। जैसे कुछ नया बनाने की सोच या खुद की नई तकनीक प्रयोग करना। किसी Building को देखकर उसकी डिजाइन बनाना यह कुछ नया नहीं है। कुछ ऐसे नए डिजाइन बनाने है जो आपको एवं सभी पसंद आये। इसके लिए आपको अपने दिमाग का उपयोग करना है, नई नई तकनीक उपयोग करना है।
किसी भी फिल्ड में अपना बेहतर करियर बनाने के आपको उस फिल्ड में निपुण होना अनिवार्य है। इसके लिए आपको अतिरिक्त मेहनत और लगन से काम करना होता है, तभी आप सफलता प्राप्त कर सकते है। इस फिल्ड में बहुत ही Bright career है। सिविल इंजीनियर की तरह हे आर्किटेक्चर इंजीनियर की बहुत ज्यादा मांग है। इसके अलावा वो घर बैठे इमारतों की डिजाइन बनाकर लाखो रुपये कमा सकते है।

आर्किटेक्चर फिल्ड में नौकरी के अवसर (Job opportunities in architecture field)

आजकल इस क्षेत्र जॉब के काफी अच्छे स्कोप है, आप रोजगार समाचार में पढ़ते ही होंगे हर साल हजारो आर्किटेक्टो की आवश्यकता होतो है। इस नौकरी के लिए कई तरह के विकल्प मौजूद है जिसकी लिस्ट निचे दी हुई है।
आर्किटेक्चर फिल्ड में नौकरी के अवसर


आर्किटेक्चर कैसे बने, आर्किटेक्ट इंजिनियर कैसे बने एवं इसकी योग्यता (How to become an Architect Engineer and His Ability)

  • बारावी में आपको Physics, Chemistry, Mathematics में पास होना है।
  • उसके बाद आपको आर्किटेक्चर कोर्स करना अनिवार्य है।
  • हमारे भारत में आर्किटेक्चर के लिए कई Courses उपलब्ध है जिनकी जानकारी आपको निचे दी गई है।

आर्किटेक्ट बनने के लिए, आर्किटेक्चर के लिए कोर्सेस (Courses for Architecture)

आर्किटेक्चर के लिए कोर्सेस
इनमे से कोई भी कोर्स आप अपने मुताबिक़ कर आप आर्किटेक्चर इंजिनियर बन सकते है। यह सभी ग्रज्युशन कोर्सेस है। आप अपने मुताबिक़ कोई भी कोर्स सिलेक्ट कर अपने किसी भी नजदीकी संस्थान से कर सकते है।

इस जानकारी के अलावा अगर आपको कोई भी जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है। आपको जल्द आपके सवालों के जवाब दिए जायेगे।

पढाई में मन लगाने का मंत्र | Padhai Me Man Lagane Ka Mantra

पिछलें लेख में हमने आपसे बेहतरीन Study Tips शेयर की थी, आज इस लेख के माध्यम से आपके लिये पढाई में मन लगाने का मंत्र – Padhai Me Man Lagane Ka Mantra दिये हैं। जो विद्यार्थीयों के लिये काफी मदतगार साबित होंगे।


पढाई में मन लगाने का मंत्र – Padhai Me Man Lagane Ka Mantra

नया Session शुरू होने जा रहा है। बच्चों के खेल कूद के दिन भी खत्म होने वाले है, और 10-12 के Board Exam के लिए भी अभी से बच्चे मेहनत शुरू कर देंगे।
बहुत से बच्चों की शिकायत रहती है की वो पढ़ते तो बहुत है पर उनके उतने अच्छे नंबर नहीं आ पाते जितने की उनसे कम पढ़ने वाले बच्चों के आ जाते है।
तो चलिए जानते हैं ऐसे कारण जो आपको अच्छे नंबर लाने से रोकते हैं।
पढ़ाई में आने वाली रुकावट :
1. Regular स्टडी नहीं करना – आप में से कई बच्चे ऐसे होंगे जो सिर्फ Exam के दिनों में पढ़ते होंगे। या Exam से कुछ दिन पहले पढ़ना शुरू करते हैं।
2. क्रिकेट या किसी और गेम में ज्यादा समय देना – खेलना शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है। पर ज़रूरत से ज्यादा समय क्रिकेट देखने या किसी और गेम, में बिताना आपके स्वास्थ्य के साथ साथ आपकी पढ़ाई में भी बाधक है।
3. T.V या Internet में ज्यादा रूचि होना – News या दूसरे ज्ञानवर्धक Program देखना अच्छा है पर T.V व Internet पर ऐसी बहुत सी चीज़े हैं जो न केवल हमारा समय बेकार करती है बल्कि हमारा पढ़ाई में भी मन नहीं लग पाता।
4. आलस्य का होना – बच्चों में आलस्य का होना उनकी असफलता का सबसे बढ़ा कारण है। जिन बच्चों के अच्छे नंबर आते है ऐसा नहीं है की उनकी बुद्धि आपकी बुद्धि से ज़्यदा तेज़ है। बस उनमे एक Quality है वो बिना आलस्य किये लगातार लगे रहते है।
“ऐसा छात्र जो प्रश्न पूछता हैं, वो कुछ समय के लिये मुर्ख कहलाता हैं।
लेकिन् जो पूछता ही नहीं, वो जिंदगीभर के लिये मुर्ख रहता हैं।”

पढाई में मन लगाने का मंत्र – Padhai Me Man Lagane Ka Mantra

1.. हर काम को समय पर पूरा करे । बचपन से जब हम ये आदत डाल लेंगे तो हमें कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता। काम को टालने की कोशिश न करके उसे उसी समय पूरा करे। इस आदत से अपनी पढ़ई भी समय से कर पाएंगे।
कबीर दास जी ने कहा भी है –
“काल करे सो आज कर, आज करे सो अब
पल में प्रलय होएगी, बहुरि करोगे कब”
2. Exercise आपके स्वास्थ्य और दिमाग दोनों को फिट रखने का सबसे अच्छा तरीका है। कम से कम 20 मिनट Exercise ज़रूर करें।
3. बहुत से बच्चे पढ़ना तो चाहते है पर उनका मन इधर उधर भागने लगता है। अपने मन को Concentrate करने के लिए Meditation सबसे अच्छा तरीका है बच्चों के लिए Meditation करने का सबसे अच्छा तरीका है की शांत जगह ओर बैठकर 1-100 तक काउंट करें। इससे आपकी स्मरण शक्ति भी बढ़ेगी।
4. रात को पढ़ने की जगह सुबह जल्दी उठकर पढ़ने का अभ्यास करे – सुबह हमारा mind fresh होता है जिससे याद किया गया कोई भी topic जल्दी याद हो जाता है।
5. T.V, मोबाइल, खेलने के लिए टाइम सेट कर ले और उसी टाइम खेले और T.V. देखे। कभी भी पढ़ते समय मोबाइल को अपने पास न रखे।
6. किसी भी चैप्टर को याद करने के बाद उसे एक week बाद revise ज़रूर करें। फिर 1 month बाद revise करें इससे वो चैप्टर पक्का याद हो जाता है।
7. अपना एक लक्ष्य बनाए और उसे बार बार दोहराते रहे जैसे इस साल मुझे 90% मार्क्स लाने है।
8. Parents भी बच्चों की पढ़ाई के समय T.V न देखे इससे बच्चे का मन भी पढ़ाई में नहीं लगता।
9. Session की शुरुआत से ही पढ़ई शुरू कर दे जिससे हर चैप्टर आराम से कवर हो जाएगा। Exam के समय tension नहीं होगी जिससे आप exam में अच्छा perform कर पाएंगे।
10. हमेशा Positive Attitude रखे। हम जैसा सोचते हैं वैसा हमारे जीवन में होने लगता है।
ये बेहतरीन लेख पढाई में मन लगाने का मंत्र हमें Rachna जी द्वारा प्राप्त हुआ है.
Thank You!
Rachna
Blog:  badhtechalo.com

पढाई की जबरदस्त टिप्स – Study Tips In Hindi

“पढाई कैसे करना” ?.. कोई भी इंसान पढाई करते समय अपने पढ़ने की क्षमता और पढ़ने के तरीके को विकसित करना चाहता है, इसके लिये बहोत से विद्यार्थी टाइम मैनेजमेंट भी करते है. आज इस लेख में हम यहां कुछ बेहतरीन Study Tips दे रहे है.

हम यहाँ स्टूडेंट के लिये कुछ प्रभावशाली आदतो को बताने जा रहे है, जिन्हें अपनाकर निश्चित ही वे अपने score को बढ़ा सकते है और अकादमिक करियर की शुरुवात कर सकते है.

पढाई की जबरदस्त टिप्स – Study Tips In Hindi

पढाई करने के लिये आपको पर्याप्त समय और एक सही जगह की जरुरत होती है, क्योकि आपका पढाई का समय और पढ़ने की जगह आपमें बडा बदलाव ला सकती है. और जो छात्र इस नियम को नही अपनाते वे पढ़ते समय होमवर्क के प्रति चिंतित रहते है और वह कभी जान नही पाते की उन्हें कब और कहा पढाई करनी चाहिये.
बल्कि वे तो यह भी नही जान पाते की असाइनमेंट या होमवर्क करने के लिये उनके पास दूसरा समय भी है. पढ़ने का समय और पढ़ने की जगह निर्धारित करने से आपको पढाई करते समय कोई चिंता नही होंगी और आप खुले दिमाग से पढाई कर सकोगे.
Study Tips: 1. मनोदशा निर्धारित करे
केवल आप ही जानते हो की आपको कौनसे काम करने है. क्या आप हलके बैकग्राउंड म्यूजिक में कोई काम कर सकते हो? या शुरू करने से पहले यदि आपके सामने खाना रखा हो?
मेरे हिसाब से आप सुबह-सुबह और क्लासेस में ही अच्छी तरह से पढ़ सकते हो. हो सकता है की आप रात में जागने वाले उल्लू भी हो जिनका दिमाग रात में 1 से 3 के बिच अच्छा काम करता हो.
यह कोई मायने नही रखता की आपका मूड कैसा है, बल्कि ये मायने रखता है की आप अपने काम के प्रति कितने ईमानदार हो और काम करने की कितनी इच्छा आपमें है.
Study Tips: 2. अभ्यास समूह (स्टडी ग्रुप) ढुंढने की कोशिश करे
जब आप एक सही स्टडी ग्रुप ढुंढने में सफल होते हो तो आप आसानी से कठिन विषय और कोर्स मटेरियल को भी आसानी से हल कर लेते हो.
हमेशा इस मुहावरे को याद रखे,
“एक सर से दो सर बेहतर है और दो सर से तीन सर बेहतर है.”
यह कहावत इस विषय पर सही साबित होती है.
Study Tips: 3. जब भी हो सके तब क्लास डिस्कशन में भाग लेना चाहिये
यदि मन में कोई प्रश्न हो तो उसे पूछना चाहिये, यहाँ मेरे कहने का मतलब यह है की यदि आप क्लास डिस्कशन में हिस्सा लेते हो तो आप जो दूसरे लोग कह रहे है उन बातो पर ध्यान देते हो.
Study Tips: 4. थोडा विश्राम करे
योजना बनाने के लिये पर्याप्त समय लेना ही छात्र में पायी जाने वाली महत्वपूर्ण योग्यताओ में से एक है. इतिहास की परीक्षा के लिये अपने सप्ताह की शुरुवात काफी लंबे लक्ष्य को लेकर न करे – बल्कि अपने लक्ष्य को छोटे-छोटे भागो में विभाजित करे.
यदि इतिहास की परीक्षा हो तो उसका कैलेंडर बनाये. उदाहरण, हर दिन आप 1 से 3 बजे तक इतिहास को पढ़ सकते हो ऐसा करने से आपको हफ़्तों तक लगातार इतिहास पढने की जरुरत नही होंगी.
Study Tips: 5. किसी की सहायता लेने से न शरमाये
शुरू में या बाद में हर छात्र एक ऐसी परिस्थिति से होकर गुजरता है जब उसे किसी के मदद की जरुरत होती है. क्योकि कुछ विषय छात्र के सर के ऊपर से जाने लगते है, जिसमे गणित मुख्य रूप से शामिल है, बहोत से छात्र ऐसे समय में मेहनत करते रहते है.
लेकिन फिर भी समझ न आने पर गुस्सा होते है और नाराज़ होते है, लेकिन यदि आप किसी से सहायता लो तो आपको गुस्सा होने की जरुरत ही नही होंगी.
यदि जिनसे आपने प्रश्न पूछा उन्हें उसका उत्तर या हल नही पता हो तो आप किसी और से भी सहायता ले सकते हो, सहायता लेते समय आपको जरा भी शर्माना नही चाहिये. क्योकि किसी की सहायता लेने से आप अपने दिमाग की आंतरिक दुविधाओं को भी दूर कर सकते हो.
Study Rules: 6. प्रेरणा
यदि आप प्रेरित नही हो और आपका रवैया भी काफी कमजोर है, तो आपका पढ़ने का समय ज्यादा उत्पादित नही हो सकता. क्योकि कोई भी परीक्षा पास करने का आपके पास एक ही मौका होता है.
इसीलिये पढाई करने के लिये ऐसे समय का चुनाव करे जिस समय में आप प्रेरित रहते हो और प्रश्न हल करने के लिये भी तैयार रहते हो.
Study Rules: 7. टाइम-मैनेजमेंट
ये वह समय नही है जो आपने पढाई करने में बिताया. बल्कि ये वह समय है की उस समय में आपने क्या हासिल किया. 40 घंटे की परीक्षा की पढाई करने में बिताना और अंत में उसमे केवल C ग्रेड मिलना, मतलब आप अपने समय को व्यर्थ गवा रहे हो.
इसलिये आपको अपने स्टडी प्लान को विकसित करने की जरुरत है और समय का सदुपयोग करने की जरुरत है तभी आप बेहतर परिणाम (रिजल्ट) पा सकते हो.
Study Rules: 8. जब आपको शक हो, तो पूछे
यदि आपको कोई विषय समझ नही आया या आपको थोडा शक है तो निश्चिंत होकर अपने सलाहकार, परिवार, दोस्त या फिर सर से पूछे. क्योकि किसी भी विषय पर यदि शक हो तो उसे दूर करना बहोत जरुरी होता है.
नही तो पढाई करते समय वह विषय जरा भी नही समझेंगा.
Study Tips: 9. ध्यान
ध्यान केंद्रित करने की योग्यता का होना छात्रो में पायी जाने वाली मुख्य योग्यताओ में से एक है. क्योकि हर वक्त पढाई करते समय आपके आस-पास का वातावरण शांत नही हो सकता.
इसीलिये आपको पढाई करते समय विषय पर ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है. आपको अपना पूरा ध्यान अपने विषय पर ही देना चाहिये.

10 May 2018

आईपीएस कैसे बने ?

IPS Kaise Bane, IPS After 12th, Age Qualification & Exam Ki Details दे. आईपीएस कैसे बने?
अगर आप भी आईपीएस (India Police Service) बनने के बारे में सोच रहे है तो आपको ये पोस्ट जरुर पढ़नी चाहिए. हमे जिस भी विषय में अपना करियर बनाना है, उससे पहले हमे उस विषय में बारे में पूरी जानकारी हासिल करना जरुरी है.


आज कल युवा वर्ग गवर्नमेंट जॉब के तलास में रहते है, लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत की जरुरत पड़ती है. तो चलिए आज हम आईपीएस के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करते है.

आईपीएस ऑफिसर की प्रमुख जिम्मेदारी देश की आतंरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था को बनाए रखना होती है. आईपीएस ऑफिसर बनाने के लिए हमे IPS की एग्जाम जो की UPSC (union public service commission) द्वारा ली जाती है, उसको क्रैक करना जरुरी होता है.
UPSC द्वारा ये एग्जाम हर साल ली जाती है, जिसमे लाखो कैंडिडेट अपना भविष्य आजमाते है, लेकिन इन में से कुछ ही लोग इसमें पास हो जाते है.

आईपीएस के लिए क्या एजुकेशन चाहिए - एजुकेशनल क्राइटेरिया :

जो स्टूडेंट आईपीएस की एग्जाम देना चाहता है, वो किसी भी recognized यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होना जरुरी है.
जो स्टूडेंट ग्रेजुएशन के फाइनल इयर में है, वो भी एग्जाम के लिए appear है, लेकिन एग्जाम देते समय उनक ग्रेजुएशन पूरा होना जरुरी है.

Exam Details - आईपीएस बनने के लिए कोन सी एग्जाम देनी होती है?

1. Preliminary exam:
प्रेलिमनरी एग्जाम का Notification April/May में होती है. और एग्जाम अगस्त के महीने में होती है. इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप के क्वेश्चन होते है. इसमें 2 पेपर होते है जो 200-200 मार्क्स के होते है. जो स्टूडेंट इसमें पास होते है वो main एग्जाम के लिए सेलेक्ट किये जाते है.

2. Main exam
मेन एग्जाम दिसम्बर महीने में होती है.

3. Interview
जब कैंडिडेट मेंन एग्जाम को क्रैक कर लेता है तब उनको पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. पर्सनल इंटरव्यू एक पैनल लेता है. इंटरव्यू 45 मिनट का होता है. उसके बाद इंटरव्यू की मेरिट लिस्ट बनाई है, जिसका रिजल्ट में महीने में होता है.

फिजिकल Requirement:

आईपीएस के लिए फिजिकली भी हम फिट होने जरुरी है.

Height:
Men पुरुष कैंडिडेट के लिए 165 cm
Women फीमेल के लिए -150cm
SC/ST Men –160cm
SC/ST Women –145 cm

Chest:
Male – 84cm with 5 cm expansion
Female – 79cm with 5 cm expansion

Eye Sight:
गुड आईज के लिए 6/6 या फिर 6/9 डिस्टेंस विज़न होना जरुरी है.
बुरी नज़र 6/12 or 6/9
नजदीकी नज़र J 1 गुड आईज और j2 बुरी नज़र

Age की लिमिट :

जनरल केटेगरी के लिए ऐज 21-32  के बिच होनी चाहिए.
OBC Candidate: 21 -35 Years
SC/ST Candidate: 21 – 37 Years
अंध, हैंडीकैप कैंडिडेट के लिए और केटेगरी से एक्स्ट्रा 10 साल की छुट दी जाती है.
याने 42 साल जनरल हैंडीकैप स्टूडेंट के लिए , 45 साल ओबीसी और 47 साल sc/st के लिए.
Nationality:
स्टूडेंट इंडिया का कैंडिडेट होना जरुरी है.

No. Of Attempt:
इस एग्जाम के लिए एटेम्पट
General Category – 6
OBC – 9
SC/ST – नो लिमिट
अधिक जानकारी के लिए आप UPSC की ऑफिसियल साईट upsconline.nic.in पर जाकर चेक कर सकते है.

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IPS Kaise Bane, IPS after 12th, IPS ke liye kya padhe, IPS ki book

RS-CIT Introducation

RS-CIT Introducation –

RS-CIT (Rajasthan State Certificate course in Information Technology) has been recognized by Dept. of Information Technology and Communication (DoIT&C), Govt. of Rajasthan to propagate IT Literacy among the people of Rajasthan.
Contact For RS-CIT 

                                                             Prince Computer & Emitra

                                           8852994773


In order to bridge the Digital Divide, RKCL has launched an IT friendly course for the people of Rajasthan. RS-CIT is a high quality and low cost IT literacy program which offers a novel curriculum, excellent study material and learning management system in both local Hindi language and English. A state-of-the-art delivery mechanism leads to State University governed Examination and Certification.

Course Objective –

To empower citizens with fundamental understanding of Information Technology (I.T.) at affordable cost, acquiring essential skills to begin computing with confidence, be more productive at home and work and able to explore career opportunities globally.
Eligibility – Anyone who is literate & has keen desire to learn Computer & Information Technology
Course Duration – 3 Months or 132 Hours (2 hours per day – 1 Hour Practical and 1 Hour Theory)
Course Fees – Rs 2850/- only per candidate; however for eligible Govt. Employees, the course fees is Rs 2700/- per candidate only.
Course Medium – Hindi & English

Course Syllabus –



Chapter No.Chapter No.
Computer Fundamentals09 Ms Excel Basic
Computer System10 Ms Excel Basic
Uses of Computer11 MS Powerpoint
Introduction to Internet12 Ms Acess
Internet Application13 Ms Outlook Basic
Operating System14 Latest Trend in IT
Ms word basic15 Compurer Administration
Ms word advance16 Compurer Networking

Unit.Chapter Name.No Of HoursWeek
Unit 01.Computer Fundamental.21st
Unit 02.Computer System.41st
Unit 03.Uses of Computer.22nd
Unit 04.Introduction to Internet.42nd
Unit 05.Internet Application.43rd
Unit 06.Operating System.43rd and 4th
Unit 07.Ms word Basic.44th
Unit 08.Ms word Advance.65th
Unit 09.Ms Excel Basic.46th
Unit 10.Ms Excel Advance66th and 7th
Unit 11.Ms Acess67th and 8th
Unit 12.MS Outlook Basics.68th and 9th
Unit 13.Letest Trend in IT610th
Unit 14.Computer Administration610th and 11th
Unit 15.Computer Networking611th
Grand Total.66


Study Material –

One comprehensive printed book (Hindi or English) per candidate.

Training Pedagogy –

  • Active Learning – Student centric learning model
  • Simulation Based Learning – Lab Work (ILT) using LMS
  • Collaborative learning and Periodic Assessment
  • Encouraging students to utilize acquired skills in useful projects

Learning With LMS (Learning Management System) -

  • 1.RS-CIT registered student logs in RKCLs proprietary MYLMS application using user id and password as provided by our ITGK

  • 2. A sample dashboard under Student login is shown below – a student has to explore and complete both Content & Assessment -

  • 3. A sample content page for a chapter is shown below –

  • 4. Content topics and sub topics are shown in a seamless way with voice over as displayed below -

  • 5. Once a learner completes Content, he/she can proceed to Assessment section –

  • 6. A typical assessment type which a learner has to attempt is shown below –

  • 7. To check the assessment score, a learner can click on Score link as shown below -

  • 8. To check the assessment score, a learner can click on Score link as shown below -

  • 9. A detailed chapter wise assessment wise score report is also available for each learner under his/her login -

  • 10. A detailed chapter wise assessment wise score report is also available for each learner under his/her login -

RS-CFA Introduction

This RS-CFA (Rajasthan State Certificate in Financial Accounting) course will increase your knowledge about computer world as well as your Accounting knowledge for personal and professional life.
In this job oriented course, you will learn many important things related to Basic accounting in a very simple way. Additionally, you will be able to make various reports quickly and precisely. Plus for you and your elders, auditors, bankers and for your tax related work, you can create financial stalk and payroll reports in a least time.
This course will also tell you about voucher, currency, inventories, VAT computations, excise, Service tax Computations and reports and will guide you to deal with such difficult looking things.
In addition of this we also consist one CD with Tally courseware which teaches you how to work in MS Excel 2010 so as to help you to make Financial Statement presentable.
So in personal and professional life, you will be able to confidently handle the accounting related responsibilities as well as chose it as your Professional career. This course also teaches about business management and data management in a very easy way.

Eligibility –

  •  12th Appearing/Pass (Minimum)
  •  Basic knowledge of Accounts
  •  Basic Knowledge about Computers or RS-CIT Pass
Course Duration – 100 Hours or 10 Weeks (2 hours per day)
Course Content – Software for Hands-on
Click here for detailed syllabus
Study Material – A comprehensive book in Hindi or English on “Accounting on Computers Tally” including Tally.ERP9 & Excel 2010 along with a tutorial CD.
Certification Joint Certification by Tally and RKCL
Career opportunities – Accounts Assistant cum ERP Assistant in Finance/ Accounts section in any organization.

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